मासूम खिलखिलाहट
नन्ही सी खिलखिलाहट
आहट
मुस्कुराते कल की आहट
मुखड़ा
नहीं दुखड़ा दमकता मुखड़ा
सुबह
सूरज की रोशनी पर सवार सुबह
तरंग
आकाश में फैले रंगों की तरंग
मासूम खिलखिलाहट
नन्ही सी खिलखिलाहट
रैना
गोदी में अम्मा के सोती रैना
सपने
सुरों से सजे उमड़ते-घुमड़ते सपने
कारवां
मिट्टी में सने सब एक से दोस्तों का कारवां
रास्ता
मंजिल की फिक्र किए बगैर भागता रास्ता
मासूम खिलखिलाहट
नन्ही सी खिलखिलाहट
पानी
निष्छल नदियों में कलकल पानी
हवा
आवारा बादलों को साथ ले घूमती हवा
सितारे
अमावस को रोशन करने दमकते सितारे
धरती
रंग-बिरंगे फूलों से महकती धरती
मासूम खिलखिलाहट
नन्ही सी खिलखिलाहट
वाह बहुत ही सुंदर आपने बताया नहीं कि पिटारे में और क्या क्या छिपाए रखा है. संगीत के बारे में न तो बताया, और इस कविता को पढकर तो आपसे नाराजी मोल लेने का मन कर रहा है. भला ऐसा भी कहीं होता कि आप सारा पिटारा छिपाए बैठे..
जवाब देंहटाएंवाह बहुत ही सुंदर आपने बताया नहीं कि पिटारे में और क्या क्या छिपाए रखा है. संगीत के बारे में न तो बताया, और इस कविता को पढकर तो आपसे नाराजी मोल लेने का मन कर रहा है. भला ऐसा भी कहीं होता कि आप सारा पिटारा छिपाए बैठे..
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